मंडी के बल्ह हवाई अड्डे को अब जाहु में बनाने की मांग, यह है वजह

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मंडी HNH | बल्ह बचाओ संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से मंडी के बल्ह में बनने वाले हवाई अड्डे को जाहू में बनाने की मांग की है. ऐसा करने से बहुत कम लोग इससे प्रभावित होंगे अन्यथा बल्ह में बहुत से लोगों को घर छोड़कर कहीं और जाना पड़ेगा.

समिति के प्रवक्ता, जोगिंदर वालिया ने कहा कि बल्ह घाटी में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए, क्षेत्र के लगभग 2,000 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा.

उन्होंने कहा “बल्ह घाटी में इस परियोजना के लिए कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा चला जाएगा. इस हिस्से को मिनी पंजाब के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस क्षेत्र की भूमि काफी उपजाऊ है. ऐसे में राज्य सरकार इस भूमि के किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने के लिए तैयार नहीं है”.

उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान इस क्षेत्र में घना कोहरा छा जाता है. इसकी वजह से विमानों को सुरक्षित लैंडिंग करने में बहुत मुश्किल होगी.

“हमने इस मुद्दे पर सरकाघाट के विधायक इंदर सिंह के माध्यम से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है और उनसे आग्रह किया है कि वे राज्य सरकार को हवाई अड्डे की प्रस्तावित साइट को शिफ्ट करने का निर्देश दें”.

बल्ह बचाओ संघर्ष समिति की सहायता करने वाली हिमाचल ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन भी इस पक्ष में है. उन्होंने बताया कि एएआई के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार बल्ह घाटी में हवाई पट्टी केवल 2,150 मीटर लंबी होगी, जबकि बड़े विमानों के उतरने के लिए 3,150 मीटर लंबी हवाई पट्टी की आवश्यकता होती है.

एचपी ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, मनाली के प्रमुख, बुध प्रकाश ठाकुर ने कहा, “हमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडी में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आवश्यकता है और जाहू एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए एक उपयुक्त स्थान है”.