रोहतांग के लिए बनने वाले रोपवे का टैक्सी ऑपरेटरों ने किया विरोध

रोहतांग रोपवे
रोहतांग रोपवे

कुल्लू HNH | पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार ने मनाली के पास कोठी से रोहतांग दर्रे तक रोपवे स्थापित करने का फैसला लिया है. लेकिन टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन मनाली सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है. टैक्सी ऑपरेटर इस बात से चिंतित हैं कि रोपवे बनने का सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ेगा. रोपवे उनकी आय को खत्म कर देगा.

आपको बता दें की सरकार ने इस परियोजना का जिम्मा एक निजी कंपनी स्की हिमालय लिमिटेड को सौंपा है. यह रोपवे 9 किलोमीटर लंबा होगा और इसे तीन चरणों में स्थापित किया जाएगा.

13,058 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा कुल्लू जिले के मनाली के पास एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता मन्न को मोह लेती है. इसकी खूबसूरती को देखने पर्यटक पुरे भारत और अन्य देशों से आते हैं.

रोहतांग दर्रे तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को मनाली से टैक्सी लेनी पड़ती है. मनाली में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि रोपवे उनकी आजीविका को नष्ट कर देगा.

हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन मनाली के अध्यक्ष गुप्ता राम ने कहा, “रोहतांग दर्रे के लिए रोपवे स्थापित करने का सरकार का निर्णय मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों के हितों के खिलाफ है. रोपवे सीधे हमारी आजीविका को प्रभावित करेगा. इससे पहले जब कांग्रेस ने यहां रोपवे बनाने का फैसला लिया था तब मनाली के विधायक और वर्तमान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के इस फैसले का विरोध किया था, लेकिन अब जब बीजेपी की सरकार है तो वह इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप है”.

होटलियर्स एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा, “जब भाजपा सत्ता में नहीं थी, तब उसने कांग्रेस की इस रोपवे परियोजना का विरोध किया था, लेकिन अब जब वह सत्ता में हैं तो उन्हें इसे पूरा करने की जल्दी लगी है.”

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