शिमला में रेगुलर कक्षाएं तो दूर, परामर्श के लिए भी नहीं पहुंचे विद्यार्थी, स्कूल रहे खाली

खुल गए स्कूल

शिमला HNH | कोरोना महामारी के खतरे के बीच राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं की नियमित कक्षाएं लगाने के आदेश दिए थे. सोमवार को राजधानी शिमला के बहुत से स्कूल खाली ही रहे. नियमित कक्षाएं लगना तो दूर, रोजाना दो से चार बच्चे जो परामर्श के लिए आ रहे थे, वह भी नहीं आए. शिमला में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसी कारण अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं.

राजधानी शिमला के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर में शिक्षक सुबह 10 बजे पहुंच गए थे. दोपहर तक एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया. स्कूल प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार सूद ने बताया ई पीटीएम में उन्होंने अभिभावकों से बातचीत भी की थी. अभिभावकों का तर्क था कि शिमला शहर में बच्चें बसों में सफर करके स्कूल पहुंचते हैं. ऐसे में कोरोना का खतरा ज्यादा है. इसी कारण बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावक तैयार नहीं है. उन्होंने कहा परामर्श के लिए भी अब काफी कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं.

वहीं शहर के दूसरे बड़े स्कूल राजकीय वरिष्ठ कन्या माध्यमिक पाठशाला लक्कड़ बाजार में एक भी बच्चा सोमवार काे स्कूल नहीं आया. स्कूल प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने कहा अभिभावक मौजूदा परिस्थिति में बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने बताया गूगल मीट के जरिये ई पीटीएम आयोजित कर कई अभिभावकों से बातचीत की. उन्होने स्कूल में कोरोना से बचाव को लेकर की गई तैयारियों के बारे में बताया गया. बावजूद इसके कोई भी बच्चा स्कूल नहीं आया.

उन्होंने कहा अभिभावकों ने ई पीटीएम में स्पष्ट कर दिया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती वह आनलाइन पढ़ाई के माध्यम से ही बच्चों को पढ़ाएंगे. इसी पर ज्यादा फोकस करने की मांग उठाई है. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी में भी सोमवार को कोई भी बच्चा स्कूल नहीं आया. न तो बच्चे नियमित कक्षाओं के लिए आए न ही परामर्श के लिए पहुंचे.