आर्थिक तंगी से जूझ रहा प्रदेश, लेकिन शिक्षा मंत्री के लिए खरीदी 18 लाख की गाडी

शिक्षा मंत्री के लिए खरीदी 18 लाख की गाडी

HNH | जहाँ एक ओर प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है वहीँ दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री के लिए 18 लाख की गाडी खरीदी जा रही है. ऐसा लगता है जैसे मंत्रियों की सुख सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए.

कोरोना संकट के बीच आर्थिक संकट से गुजर रही प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के लिए 18 लाख रुपये की नई एसयूवी खरीद ली गई है. उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंत्री के सुगम सफर के लिए अपने बजट से टाटा हैरियर गाड़ी खरीदी है. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के पास पहले से ही एक सरकारी फॉर्चूनर और एक इनोवा गाड़ी है.

सुरेश भारद्वाज के शिक्षा मंत्री रहते हुए कैबिनेट से नई गाड़ी की खरीद की मंजूरी ली गई थी लेकिन कोरोना के कारण सुुरेश भारद्वाज ने गाड़ी की खरीद नहीं की. अब विभाग बदलने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने नई गाड़ी खरीद ली है. आर्थिक कमी के चलते प्रदेश सरकार को हर माह करोड़ों रुपये का कर्ज लेना पड़ रहा है. बीते सप्ताह ही सरकार ने एक हजार करोड़ का कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू की है.मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार खर्चों को कम करने की अपील करते आ रहे हैं.

इसी बीच शिक्षा निदेशालय की ओर से की गई एसयूवी की खरीद सवालों के घेरे में आ गई है. विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि इनोवा गाड़ी पुरानी हो गई है. राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष इसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया था. सरकार ने इनोवा क्रिसटा को खरीदने के लिए मंजूरी दी थी.

पूर्व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के समय गाड़ी की खरीद नहीं हुई. अब इनोवा गाड़ी की हालत खराब होने पर टाटा हैरियर को खरीदा गया है. विभागीय अधिकारियों का यह भी कहना है कि टाटा हैरियर की कीमत इनोवा क्रिसटा से कम है.